सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब पुलिस को लगाई फटकार:CJI बोले- छोटे तस्कर पकड़ते हो, बड़े नशा सरगना अब भी बाहर

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में बढ़ते नशे और ड्रग तस्करी के मुद्दे पर आज राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने पंजाब पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि पुलिस केवल छोटे नशेड़ियों या छोटे तस्करों को पकड़कर प्रचार बटोरती है। जबकि नशे के मुख्य सरगनाओं (बड़ी मछलियों) तक हाथ नहीं डालती। ड्रग नेटवर्क चलाने वाले और प्रभावशाली लोग कानून की पकड़ से बाहर रहते हैं। 60 साल की मां के पांच बच्चों की हुई मौत चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि पंजाब की स्थिति बेहद भयावह है। हाल ही में एक 60 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग मां की दर्दनाक कहानी सामने आई, जिसने अपने 5 बेटों को नशे की वजह से खो दिया। एक-एक करके उसके सभी बेटे मर गए। उस मां की हालत देखिए। पिछले दो हफ्तों में यह दूसरी ऐसी घटना है। राज्य आखिर कर क्या रहा है?” सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी पंजाब में बढ़ते नशे के संकट और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है पुलिस को संवेदनशील बनाए जाने की जरूरत बड़े नेटवर्क और मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि “आज मैं आपकी पुलिस कार्यप्रणाली पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। पुलिस को संवेदनशील बनाए जाने की जरूरत है। वे किन लोगों को पकड़ रहे हैं और किन्हें छोड़ रहे हैं, यह सबको पता है। इसलिए कृपया कुछ कीजिए। मामलों में बढ़ोतरी इतनी चिंताजनक है कि यह ऐसी स्थिति बन गई है, जिस पर सभी संबंधित पक्षों को दोबारा गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। न्यायपालिका की ओर से मैं सुनिश्चित करूंगा कि सभी हाईकोर्ट पूरा सहयोग दें। छोटे पेडलर्स की बजाय उन बड़े नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों तक पहुंचना जरूरी है, जो इसमें शामिल हैं। वरना स्थिति हाथ से बाहर होती जा रही है।”
ऐसे गई थी पांच बेटों की जान
कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी की 60 वर्षीय मनजीत कौर की जिंदगी अप्रैल 2026 में पूरी तरह उजड़ गई, जब उनके पांचवें और आखिरी बेटे सोनू की भी मौत हो गई। मनजीत कौर के अनुसार, पिछले 8 से 10 वर्षों में उनके पांचों बेटों की जान नशे, खासकर ‘चिट्टा’, की लत के कारण गई। उनका आखिरी बेटा सोनू हेपेटाइटिस-सी और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित था, जो अक्सर संक्रमित सुइयों के इस्तेमाल से फैलती हैं।अब मनजीत कौर अपनी बहुओं और छोटे पोते-पोतियों के साथ अकेली रह गई हैं। उनका कहना है कि बेटों को बचाने के लिए उन्होंने घर का सामान तक बेच दिया, लेकिन नशे के कारोबार ने उनका पूरा परिवार तबाह कर दिया।

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