बेटा हत्या कर विदेश फरार, पत्नी गांव छोड़ भटकती रही:यमुनानगर का सतनाम सिंह मर्डर केस; अकेलेपन में निकले कई साल

यमुनानगर जिले के गांव बाल छप्पर में सोमवार सुबह हुई 55 वर्षीय सतनाम सिंह की हत्या ने छह साल पुरानी खूनी रंजिश को फिर जिंदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दर्दनाक पहलू यह सामने आया है कि बोलने और सुनने में असमर्थ सतनाम सिंह पिछले लंबे समय से लगभग अकेले जिंदगी गुजार रहा था। उसकी पत्नी प्रवीण कौर उर्फ बीना लगातार जान के खतरे के डर से अलग-अलग जगहों पर किराए के मकानों में रह रही थी और केवल महीने-दो महीने में ही गांव आकर अपने पति से मिलती थी। वहीं उनका इकलौता बेटा विरेंद्र भी तत्कालीन सरपंच के पति की हत्या मामले के बाद फरार होकर विदेश चला गया था। ऐसे में सतनाम सिंह गांव में लगभग अकेला रह गया था। सैर के दौरान छाती में मारी गोलियां सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सतनाम सिंह रोज की तरह गांव के बाहरी क्षेत्र में सैर करने निकला था। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दो गोलियां सीधे उनके सीने में लगीं और वह सड़क किनारे गिर पड़े। हमलावर कुछ ही सेकंड में मौके से फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सतनाम सिंह दम तोड़ चुके थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भिजवाया। कई बार जताई हमले की आशंका पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला सीधे तौर पर पुरानी रंजिश और बदले की कार्रवाई से जुड़ा माना जा रहा है। गांव में चर्चा है कि वर्ष 2020 में तत्कालीन सरपंच पति रशपाल सिंह की हत्या के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बना हुआ था और कई बार हमले की आशंका भी जताई जाती रही थी। मृतक की पत्नी प्रवीण कौर के अनुसार उसके जेठ प्रीतपाल के दो बेटे दरजीत सिंह उर्फ बाबू और सुखविंद्र उर्फ सुखी हैं। दरजीत उर्फ बाबू वर्ष 2014 में परिवार सहित अमेरिका चला गया था। उसका जेठ के लड़के बाबू के साथ परिवार में किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। सरपंच पति की हत्या से बढ़ा तनाव महिला ने आरोप लगाया कि 18 जून 2019 को इसी विवाद के चलते बाबू ने अपने साले बादल सिंह निवासी नमदारपुर के जरिए उसके घर पर गोलियां चलवाकर जानलेवा हमला करवाया था। महिला ने बताया कि 22 मई 2020 को गांव के तत्कालीन सरपंच की पत्नी सतानम कौर के पति रशपाल सिंह की हत्या के मामले में भी परिवार का नाम सामने आया था। आरोप था कि बाबू ने उसके बेटे विरेंद्र सिंह को जानबूझकर रंजिश के चलते अपने साथ मिलाकर रशपाल सिंह की हत्या करवाई थी। उसी मामले के बाद से उसका बेटा फरार चल रहा है। परिवार का दावा है कि इस रंजिश को लेकर उसके बेटों युवराज और सनमीत के मन में भी दुश्मनी बनी हुई थी, जो इस समय विदेश में रहते हैं। अप्रैल में घर की रेकी की गई प्रवीण कौर ने बताया कि इसके बाद लगातार मिल रही धमकियों और जान के खतरे के वह गांव छोड़कर अलग-अलग जगहों पर किराये के मकानों में रहने लगी थी। वह केवल एक-दो महीने में अपने पति से मिलने गांव आती थी। परिवार को लगातार यह आशंका बनी हुई थी कि उन पर कभी भी हमला हो सकता है। ऐसे में सतनाम सिंह गांव में लगभग अकेले रह रहे थे। मामले में एक और बड़ा खुलासा पिछले महीने हुई रेकी को लेकर हुआ है। प्रवीण कौर ने बताया कि 17 अप्रैल 2026 को उनके घर और परिवार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने गांव के युवक अंकित को गिरफ्तार भी किया था। पुलिस पुरानी रंजिश से जोड़कर कर रही जांच महिला ने आरोप लगाया कि हरिंदर उर्फ राजीव सिंह उर्फ बब्बू के कहने पर रेकी करवाई जा रही थी। परिवार ने उस समय भी पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। अब पुलिस को शक है कि अप्रैल में हुई रेकी ही सतनाम सिंह की हत्या की तैयारी का हिस्सा थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या हमलावरों ने सतनाम सिंह की रोजाना की दिनचर्या, सैर का समय और रास्ता पहले से तय कर रखा था। मामले को पुरानी रंजिश से जोड़ते हुए जांच की जा रही है।

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