फतेहाबाद शहर की ग्रीन पार्क कॉलोनी में शनिवार को पति-पत्नी के आपसी विवाद में पुलिस की मौजूदगी में ही मायका और ससुराल पक्ष भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर थप्पड़-मुक्के बरसाए। दोनों पक्षों के तीन लोगों को नीचे गिराकर पीटा गया। इस दौरान एक महिला भी घायल हो गई। घायल महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें दोनों पक्ष पुलिस की मौजूदगी में लड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इस मामले में मध्यस्तता कर रहे पार्षद निर्मल सिवाच ने बताया कि डायल 112 की टीम भी बुलाई गई। लड़की पड़ोसी के घर की छत से कूदकर नीचे आई और फिर भी मारपीट के आरोप लगाए गए। लड़का और लड़की पक्ष की 10 बार पंचायत हो चुकी है। मगर लड़की को बसाने की बजाय मायके पक्ष के लोग मकान मांग रहे हैं। डेढ़ करोड़ रुपए की कोठी लड़की के नाम करवाने की मांग कर रहे हैं जबकि प्रॉपर्टी मां की है। इसलिए यह सारा विवाद बढ़ा हुआ है। इसी चक्कर में आज नौबत मारपीट तक पहुंच गई। जानिए…लड़के ने क्या कहा ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी अजय ने बताया कि उसकी शादी करीब 4 साल पहले गांव ढाणी ईस्सर निवासी शर्मिला से हुई थी। पत्नी व ससुरालवालों ने उस पर 8 महीने पहले दहेज मांगने और घरेलू हिंसा के आरोप में केस दर्ज करवा दिया। कोर्ट ने हर महीने गुजारा खर्च देने के आदेश दिए थे। इसके बाद से वह हर महीने 7 हजार रुपए खर्च पत्नी को दे रहा है। फिर भी पत्नी व ससुराल पक्ष के लोग हमारे मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। मगर मकान मेरी मां के नाम है। मां फिलहाल गांव किशनगढ़ में रह रही है। अजय ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के चाचा देवतराम और हनुमान ने पहले भी उस पर ईंट से हमला किया था। इन दोनों को बाउंड किया हुआ है कि वे उनकी गली में नहीं आएंगे। फिर भी ये लोग आ गए। उस समय उसकी पत्नी वहां मौजूद नहीं थी। वह पड़ोस के घर में बैठी थी। दीवार फांदकर वह घर की तरफ आई और आते ही लड़ने लगी। इसी दौरान मारपीट हो गई। मेरे भी कपड़े फाड़ दिए गए। जानिए…लड़की ने क्या कहा सिविल अस्पताल में दाखिल घायल शर्मिला ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद आठ महीने से वह ससुराल के मकान के पॉर्च में रह रही है। मगर इस दौरान बुआ सास का लड़का और उसके साथी आकर गंदा बोलते हैं। छेड़खानी भी की गई। फिर पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि उसका दो साल का बेटा है। दस दिन पहले वो बीमार रहने लग गया। इसलिए उसे मायके में भेजना पड़ा। शनिवार को वह घर से बाहर दवाई लेने के लिए गई थी। पीछे से ये लोग आ गए। पहले भी उसका सामान जला दिया गया था। इस बार भी उसे ऐसी ही आशंका थी, इसलिए उसने खुद पुलिस बुलाई थी। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। उसने बताया कि वह अपना घर बसाना चाहती है, लेकिन ससुरालवाले मान नहीं रहे। वे घर में नहीं रहने देना चाह रहे। मकान नाम करवाने के आरोप झूठे हैं।