कपड़े धोने के डिटर्जेंट से बना रहे दूध:20 लीटर दूध मिनटों में 80 लीटर बना देते हैं, यूपी में पहली बार कैमरे पर खुलासा

एक बर्तन में सोया ऑयल और डिटर्जेंट पेस्ट लेकर हाथों से रगड़ें। इस सफेद पेस्ट को 60 लीटर पानी में मिलाएं। ऊपर से 20 लीटर शुद्ध दूध, 2 किलो शीरा पाउडर या ग्लूकोज मिलाएं। गाढ़ा करने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर मिलाएं। लीजिए 80 लीटर सिंथेटिक दूध तैयार है। एक लीटर नकली दूध 25 रुपए में तैयार हो जाता है, जिस पर यह गिरोह 25 से 30 रुपए तक मुनाफा कमा रहा है। यूपी से सटे मध्यप्रदेश-राजस्थान के इलाकों में इसी मुनाफे के लिए नकली दूध बनाने की फैक्ट्रियां खड़ी हो गई हैं। पिछले दिनों यूपी के बुलंदशहर में 1400 लीटर और आगरा में 450 लीटर नकली दूध पकड़ा गया था। इस सिंडिकेट को समझने और इसका भंडाफोड़ करने के लिए दैनिक भास्कर रिपोर्टर व्यापारी बनकर नकली दूध बनाने वाली इन फैक्ट्रियों तक पहुंचा। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन… हमें बुलंदशहर और आगरा से कुछ सोर्स मिले, जिनकी मदद से हम यूपी से सटे राजस्थान के धौलपुर में बसई नवाब कस्बे में दूध की फैक्ट्री तक पहुंचे। यहां मजदूर सिंथेटिक दूध बना रहे थे। उन्होंने बताया कि वे 15-20 हजार रुपए महीने की सैलरी पर काम करते हैं। हर घंटे 80 से 100 लीटर दूध बना देते हैं। सिंथेटिक दूध बना रहे मजदूर केदार सिंह से हमने दूध बनाने का प्रोसेस समझा। केदार सिंह: सिंथेटिक दूध बनाने के लिए अलग-अलग चीजें होती हैं। यूरिया भी काम करता है, ग्लूकोज भी काम करता है। रिपोर्टर: कितना बना देते हैं? केदार सिंह: 20 लीटर का 80 लीटर बना देते हैं। रिपोर्टर: बेचते कहां हैं? आपको कितना पैसा मिलता है? केदार सिंह: पता नहीं कहां बेचते हैं? पैसा तो कुछ नहीं मिलता, हमको तो 15-20 हजार रुपए देते हैं महीने के। रिपोर्टर: ये बताओ, 20 लीटर दूध का 80 लीटर कैसे बन जाता है? केदार सिंह: पहले डालडा और सर्फ को मिलाकर आपस में मलते हैं। उसके बाद चूना डालते हैं। फिर एक लीटर दूध डालते हैं। फिर पानी डाल देते हैं 40-50 लीटर। फिर ग्लूकोज या यूरिया डाल देते हैं। इससे पाउडर की मात्रा बढ़ जाती है। फैट 5% तक आएगा। रिपोर्टर: ग्लूकोज से दूध मीठा नहीं होता। केदार सिंह: मीठा होता है तो उसमें एक केमिकल डालते हैं, इससे दूध मीठा नहीं लगता। चूना डालने से केमिकल की लेयर नहीं बनती है। जब हमने सिंथेटिक दूध के धंधे को समझा तो एक कोडवर्ड मिला- डिफरेंस। दूध के धंधे में नकली, केमिकल, सिंथेटिक दूध को ‘डिफरेंस का दूध’ बोला जाता है। ये 4 तरह के होते हैं। जितना बड़ा नंबर, उतनी ज्यादा मिलावट हम राजस्थान के धौलपुर में बसई नवाब कस्बे पहुंचे। यहां दूध की फैक्ट्री के गार्ड ने हमें सिंथेटिक दूध के व्यापारी उमेश का मोबाइल नंबर दिया। हमने उमेश को कॉल किया। दूध की कोई दिक्कत नहीं है, जितना चाहिए दिला देंगे- व्यापारी उमेश रिपोर्टर: मुझे दूध सप्लाई करना है, एक-दो टैंकर। उमेश: कैसा दूध चाहिए आपको? रिपोर्टर: डिफरेंस (यूरिया-डिटर्जेंट से बना) वाला लेंगे। उमेश: कोई दिक्कत नहीं है। एक टैंकर, दो टैंकर… मिल जाएगा। रिपोर्टर: 5000 लीटर, 2000 लीटर, जितना आप दे पाएं। उमेश: आ जाओ, मुझसे मिल लो। व्यवस्था करवा दूंगा तुम्हारी। रिपोर्टर: अच्छा डिफरेंस में कितने तक का दे देंगे? 4 का या साढ़े चार का मिल जाएगा? उमेश: हां, मिल जाएगा। रिपोर्टर: साढ़े 4 में कोई दिक्कत तो नहीं, मतलब यूपी जा रहा है? उमेश: अरे कोई दिक्कत नहीं है। आप कहीं भी ले जा सकते हो। यूपी में जाता है। आगरा भेजते हैं न हम। सिंथेटिक दूध का व्यापारी उमेश हमें 4 से ज्यादा के डिफरेंस का दूध देने को तैयार हो गया। उमेश ने हमें बसई नवाब से 40 किमी दूर मनिया कस्बे में मिलने बुलाया। ये ग्वालियर हाईवे पर है। जब हमने यहां पहुंचकर उमेश को कॉल किया, तो उसने एक पता दिया। हम वहां पहुंचे, तो उमेश नहीं मिला। सोनू नाम का व्यापारी मिला। ये भी नकली दूध का धंधा करता है। सोनू से हमने नकली दूध खरीदने की डील की। रिपोर्टर: डिफरेंस वाला दूध मिल सकता है, अपने यहां? सोनू: डिफरेंस वाला भी मिल जाएगा और बिना डिफरेंस का भी है अपने पास। लास्ट 2.75 से 2.64 का डिफरेंस आता है अपने दूध में। रिपोर्टर: ज्यादा डिफरेंस वाला नहीं मिलेगा? सोनू: ज्यादा डिफरेंस वाला दिला देंगे हम। रिपोर्टर: हां तो दिला दो, कितना मिल जाएगा? सोनू: कितना चाहिए? रिपोर्टर: 3-4 हजार लीटर, बाद में एक टैंकर ले लिया करेंगे रोज। सोनू: मिल जाएगा। रिपोर्टर: क्या रेट रहेगा? सोनू: रेट तुम बताओ? क्या रेट है उधर, क्या चल रहा है? रिपोर्टर: 20 रुपए लीटर। पहले आगरा गया है कभी कि नहीं गया? सोनू: गया है। रिपोर्टर: यूपी में आपकी सेटिंग है, कोई पकड़ लेगा तो…? सोनू: नहीं पकड़ता है कोई। यहां से जाते हैं कुछ लोग, कोई नहीं पकड़ता। आप आपस में बात कर लो। 4000 लीटर, 5000 लीटर, आपका तो हो ही जाएगा। अब हम जानना चाहते थे कि सोनू रोज कितना नकली दूध दे सकता है? इसके लिए हमने उसे बताया कि आगरा के पास टेढ़ी बगिया एरिया में हमारा दूध स्टॉक होता है। इस पर सोनू ने हमें दूध से कमाई के सुझाव दिए। स्टॉक हमारे आसपास कहीं करो तो 50 हजार लीटर सिंथेटिक दूध रोज दिला दूंगा- सोनू सोनू: टेड़ी बगिया से आप इधर (राजस्थान की तरफ) कर लो स्टॉक, इधर की साइड सेंटर खोल लो तो मैं 50 हजार लीटर दूध दिला दूंगा दो मिनट में। दूध में पैसे कमाएंगे अच्छे। रिपोर्टर: आपका वो वाला (सिंथेटिक दूध) कितना दे देंगे? सोनू: 3000 लीटर के समथिंग। इसके बाद हमने व्यापारी उमेश को फिर कॉल किया। उसे बताया कि सोनू से 3000 लीटर नकली दूध की डील हो गई है। उमेश ने कहा- आपको दूध मिल जाएगा। इसकी गारंटी है। आमतौर पर दूध की 2 जांच होती हैं- फैट और SNF (सॉलिड नॉट फैट)। फैट का मतलब है- दूध में मलाई या वसा। SNF का मतलब है दूध में प्रोटीन, लेक्टोज, खनिज, विटामिन की मात्रा। सामान्य दूध में 6% या इससे ज्यादा फैट होता है। 8 से 9% SNF होता है। नकली दूध में शीरा पाउडर मिलाते हैं। इससे टेस्टिंग में फैट बढ़ा हुआ दिखता है। अगर नकली दूध में ग्लूकोज पाउडर डाल दिया जाता है तो SNF भी 8% तक आ जाता है। इस तरह नकली दूध, असली जैसा लगता है। सामान्य टेस्टिंग में इसे नहीं पकड़ सकते। नकली दूध का बाजार… रोज ₹135 करोड़ का बिक रहा यूपी में रोजाना 8 करोड़ लीटर खुले दूध की खपत है। इसमें से 50% यानी 4 करोड़ लीटर दूध पश्चिम यूपी से आता है। FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 67% मिल्क प्रोडक्ट मिलावटी हैं। इसी को आधार माना जाए तो वेस्ट यूपी से आ रहे 4 करोड़ लीटर दूध में से 2.70 करोड़ लीटर नकली हो सकता है। फैक्ट्री में बना ये 30 रुपए लीटर का दूध यूपी में आसानी से 50 रुपए लीटर में बिक रहा है। यानी 135 करोड़ रुपए का नकली दूध रोज बेचा जा रहा है। सिंथेटिक दूध में फॉर्मेलिन होती है, इससे कैंसर का खतरा डॉ.अरुण श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आगरा) के मुताबिक- यूपी में आगरा, एमपी में मुरैना और राजस्थान में धौलपुर, राजाखेड़ा, भरतपुर, डींग के इलाकों में घर-घर में, और फैक्ट्रियां लगाकर नकली दूध बनाया जा रहा है। 3 स्टेट की सीमा होने से यहां कार्रवाई करना मुश्किल है। बॉर्डर के इलाकों से ज्यादातर नकली दूध यूपी के आगरा, अलीगढ़, मथुरा, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, नोएडा पहुंच रहा है। यहां से पूरे यूपी और दिल्ली-नोएडा जा रहा है। अफसर नाम की कार्रवाई करते हैं। कई दफा ऐसा हुआ कि कार्रवाई के पहले व्यापारियों को पता चल गया और सिंथेटिक दूध गायब कर दिया गया। इसलिए पूरे यूपी में एक महीने में 5000 लीटर से ज्यादा सिंथेटिक दूध नहीं पकड़ा जा सका। जबकि हमारे स्टिंग में व्यापारी खुद 50 हजार लीटर नकली दूध रोज देने की डील कर रहा है। अप्रैल, 2025 से फरवरी, 2026 तक यूपी में दूध के 39 हजार 568 सैंपल लिए गए। इनमें से 15 हजार 361 सैंपल फेल हुए, यानी 40% दूध नकली निकला। इसके बावजूद शासन ने सख्ती नहीं की। ————————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में 20 लाख में झूठे रेप केस वाली गैंग, स्टिंग में सरगना बोली- किसी और से सेक्स, फिर जिसे बताओगे फंसा देंगे यूपी में फर्जी रेप केस दर्ज कराने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि नाबालिग लड़कियों के जरिए लोगों को झूठे केस में फंसाकर करोड़ों की वसूली की जाती थी। गैंग में कुछ पुलिसकर्मी और वकील भी शामिल बताए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *