चंडीगढ़ में अब आवारा और कम्युनिटी डॉग्स को खाना खिलाने के लिए नगर निगम ने तय समय निर्धारित कर दिया है। निगम का कहना है कि शहरभर में अलग-अलग समय पर कुत्तों को खाना खिलाने की शिकायतें और सुझाव मिल रहे थे, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। अब कुत्तों को केवल तय फीडिंग प्वाइंट्स और निर्धारित समय पर ही खाना खिलाया जा सकेगा। नगर निगम ने सैनिटरी इंस्पैक्टरों और फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि सभी सैक्टरों और इलाकों में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे जनसुविधा और बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन नियमों का पालन करें। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए थे कि आवारा कुत्तों को स्कूलों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों से हटाकर निर्धारित शेल्टरों में रखा जाए। कोर्ट ने कहा था कि पशु जन्म नियंत्रण नियम-2023 के तहत नसबंदी और टीकाकरण के बाद ही उन्हें शिफ्ट किया जाए। आवारा कुत्तों को खाना खिलाने का समय तय नगर निगम ने गर्मी और सर्दी के मौसम के लिए आवारा व कम्युनिटी डॉग्स को खाना खिलाने का समय निर्धारित किया है। गर्मी में सुबह 7 बजे से 9 बजे तक और शाम 7 बजे से 9 बजे तक कुत्तों को खाना खिलाया जा सकेगा। वहीं सर्दी में सुबह 8 बजे से 10 बजे तक और शाम 6 बजे से 8 बजे तक फीडिंग की अनुमति होगी। निगम ने कहा है कि खाना केवल तय फीडिंग प्वाइंट्स पर ही खिलाया जाए। डॉग पॉन्ड और शेल्टर का काम अधूरा नगर निगम ने पहले सैक्टर-25 पश्चिम में डॉग पॉन्ड बनाने का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके लिए करीब 3.98 लाख रुपए का टेंडर नक्शा तैयार करने के लिए जारी किया गया था। पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 18.42 करोड़ रुपए बताई गई थी। एरिया पार्षद पूनम ने कहा कि प्रस्ताव पास होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ। हर साल बजट में इसके लिए प्रावधान रखा जाता है, लेकिन जमीन पर काम दिखाई नहीं देता। सेक्टर-25 में बनेगा बड़ा डॉग शेल्टर नगर निगम ने सेक्टर-25 में करीब 2 एकड़ जमीन डॉग शेल्टर के लिए चिन्हित की है। यहां आवारा कुत्तों की नसबंदी, रेबीज टीकाकरण, देखभाल और पुनर्वास की सुविधा होगी। इस शेल्टर को लगभग 1980 कुत्तों के लिए तैयार किया जाएगा। परिसर में प्रशासनिक ब्लॉक, पानी और सीवरेज व्यवस्था, वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और हरियाली विकसित करने की भी योजना है।