AAP विधायक के कथित पीए पर ठगी का केस:बोला-MLA को देता था रुपए, कई दस्तावेज भी दिखाए; पप्पी बोले-यह भाजपा की चाल

लुधियाना में आम आदमी पार्टी के हल्का सेंट्रल से विधायक अशोक पराशर पप्पी के तथाकथित पीए कहे जाने वाले निखिल सभरवाल पर पुलिस ने निगम में नौकरी दिलवाने के नाम पर पैसे लेकर ठगने का मामला दर्ज किया है। मामला दर्ज होने के बाद अब निखिल ने भी वीडियो जारी कर खुलासा किया। निखिल ने विधायक पराशर और उनके बेटे और नगर निगम के मुलाजिमों में करोड़ों रुपए का लेनदेन करने, रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं। निखिल ने वीडियो में हर व्यक्ति का नाम लेकर खुलासा किया है। उसने इस संबंधी कई दस्तावेज भी दिखाए हैं। विधायक पराशर ने निखिल के आरोपों को नकारा और इसे भाजपा की चाल बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा को निखिल 2 से 3 साल बाद मिला है। उन्हें अब कोई और व्यक्ति झूठे आरोप लगाने के लिए ढूंढना चाहिए। अब पढ़िए निखिल ने वीडियो में क्या कहा वीडियो में निखिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब अशोक पराशर पप्पी हल्का सेंट्रल से विधायक बने तब से वह उनके दफ्तर का इंचार्ज था। वह सुबह दफ्तर खोलता था और रात को 10 बजे तक रुकता था। निखिल के आई.डी कार्ड भी वीडियो में दिखाए जिसमें वह विधायक के दफ्तर के इंचार्ज
के पद पर लिखा था। डीसी रेट पर भर्ती के लिए एक लाख रुपए फीस रखी निखिल ने आरोप लगाया कि विधायक पप्पी द्वारा डीसी रेट पर भर्ती के लिए एक लाख रुपए फीस रखी थी। जिसके चलते उसने एक लाख रुपए प्रति व्यक्ति लेकर कई भर्तियां करवाई। जिसके चलते निखिल ने भी 100 से ज्यादा लोगों से पैसे लेकर विधायक को दिए। लेकिन उनकी भर्तियां नहीं हुई। जिसके चलते वह लोग विधायक के ऑफिस आने लगे। 2 साल पहले नौकरी से निकाला खुद को फंसते हुए देख विधायक ने उसे 2 साल पहले नौकरी से निकाल दिया और एसीपी सेंट्रल से कहकर मेरे पर अब पर्चा दर्ज करवा दिया। विधायक ने इस गेम का सारा आरोप मेरे सिर पर लगा दिया। निखिल ने कहा कि आज मुझे मजबूरन वीडियो बनानी पड़ी। निगम के इंस्पेक्टर ने 30 लाख रुपए दिए
निखिल का आरोप है कि निगम के एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर की ओर से 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उसके खाते में 30 लाख रुपए डाले, जो विधायक को रिश्वत दी गई थी। उक्त पेमेंट को विधायक और उनके बेटे विकास के खातों में ट्रांसफर किया गया था। इसी तरह निगम एक तत्कालीन अधिकारियों से विधायक पप्पी का महीना फिक्स था। वह बाहर लोगों से रिश्वत लेते थे और उसमें से कुछ हिस्सा विधायक को दिया जाता था। कई करोड़ का हुआ हेरफेर
निखिल का आरोप है कि विधायक पप्पी व उनके बेटे विकास द्वारा कई करोड़ रुपए का हेरफेर किया गया है। उनके कई जगह महीने फिक्स किए हुए थे। मेरे खुद का वेत्तन 13 हजार रुपए था जो पैसे मैं इन्हें लेकर देता था उसमें से मुझे 5 से 6 हजार जेब खर्चा देते थे। मेरी प्रशासन से मांग है कि मेरे केस में ईडी या होम मिनिस्ट्री से जांच करवाई जाए। मेरी जान और मेरे परिवार को अब खतरा है। मैं 2 साल से छिपा हुआ था लेकिन जब पर्चा दर्ज हुआ तब मुझे मीडिया में आना पड़ा। निखिल ने कहा कि विधायक ने मुझे यहां तक कह दिया था कि शहर छोड़ कर चले जाओ। मैं डर के कारण दुबई चला गया था लेकिन फिर लोगों के कारण वापस आया था। 8 मार्च 2024 को मेरे खाते में आए 89 लाख 8 मार्च 2024 को CIPHER स्केयर ने की 89 लाख की ट्रांसफर मेरे खाते में किए। ये पैसे विदेश से डलवाए गए थे। मुझे कहा गया था कि कुछ फंड कनाडा से आने है। फिर विधायक पराशर ने मुझे से कहा कि ये पैसे मेरी पत्नी के खाते में डाल दे। 40 लाख रुपए मैंने 8 मार्च 2024 को डाले और 25 लाख 9 मार्च 2024 को डाले। मेरे खाते में कुल 89 लाख रुपए आए थे। इसके बाद चुनाव के समय में 24 अप्रैल 2024 को निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने 30 लाख रुपए मेरे खाते में डाले। जिसमें से मैंने 25 अप्रैल को विधायक पराशर के खाते में 15 लाख रुपए और उनके बेटे विकास के खाते में 99 हजार रुपए डाले। इंस्पेक्टर से महीना आता था। निखिल ने कहा कि इस मामले की यदि सही से जांच ईडी या होम मिनिस्ट्री करें तो बड़े खुलासे हो सकते है। कागज का टुकड़ा दिखाने से कुछ नहीं होता, ठग है निखिल-विधायक पराशर विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि चोर व्यक्ति मेरा पीए नहीं है। इस निखिल को 2 से 3 साल पहले मैंने अपने दफ्तर से निकाल दिया है। दो बच्चियां जिनके पैसे इसने ठगे थे। उन बच्चियों को मैंने बुलाया है। उनके पैसे भी वापस करवा रहे है। भाजपा लेट हो गई है। उन्हें निखिल देरी से मिले है उन्हें कोई नया व्यक्ति ढूंढना चाहिए। उनके ये काम अब नहीं चलेंगे। ट्रांजेक्शन के सवाल पर विधायक पराशर ने कहा कि किसी के नाम से भी ट्रांजेक्शन का कागज बनवाया लिया जाए तो क्या है। कागज लेकर सामने आए फिर उसका मेरे से जवाब ले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *