केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कैप्टागॉन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह से लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागॉन जब्त किया गया है। जिसे जिहादी ड्रग भी कहते हैं, इसकी कीमत 182 करोड़ रुपए है। गृह मंत्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कैप्टागॉन की पहली खेप जब्त करने के लिए एजेंसी की सराहना की। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नशामुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। क्यों कहते हैं जिहादी ड्रग कैप्टागॉन एक आम नाम है जो फेनेथिलिन से जुड़ा है। यह 1960 के दशक में बनाया गया एक सिंथेटिक स्टिमुलेंट (उत्तेजक) है। इसका गलत इस्तेमाल और तस्करी पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में एक्टिविस्ट और कॉन्फ्लिक्ट जोन के नेटवर्क से जुड़ी है। इसे जिहादी ड्रग का नाम इसलिए मिला क्योंकि इस ड्रग के असर से इसका इस्तेमाल करने वाले लोग लंबे समय तक जाग पाते थे। डर और थकान को दबाया जा सकता है। इतना ही नहीं एग्रेसिव और जोखिम लेने वाला व्यवहार भी बढ़ाया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से तनाव वाले हालात में लंबे समय तक लड़ाई जैसी गतिविधियों को जारी रखा जा सकता है। गृह मंत्रालय बोला- ऑपरेशन रेजपिल नशामुक्त भारत के लिए चलाया MHA ने एक बयान में कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से जानकारी मिली थी कि भारत का इस्तेमाल कैप्टागॉन की तस्करी के लिए एक ट्रांजिट रूट के तौर पर किया जा रहा है। नई दिल्ली के नेब सराय में एक घर की पहचान की गई, और 11 मई को वहां तलाशी ली गई, जिसके दौरान एक कमर्शियल चपाती-काटने वाली मशीन में छिपाई गई लगभग 31.5 किलो कैप्टागॉन टैबलेट बरामद हुई। इस मशीन को सऊदी अरब के जेद्दाह में एक्सपोर्ट करने का इरादा था। दिल्ली में रह रहे सीरिया के नागरिक से मिला था इनपुट नेब सराय का यह घर एक सीरियाई नागरिक ने किराए पर लिया था, जो 15 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। MHA ने बताया कि उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को खत्म हो गया था। वह गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहा था। उससे पूछताछ के आधार पर 14 मई को गुजरात के मुंद्रा में कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन (CFS) में रखे एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलो कैप्टागॉन पाउडर बरामद किया गया। यह कंटेनर सीरिया से मंगाया गया था, जिसमें भेड़ की ऊन बताई गई थी। कंटेनर की पूरी तरह से तलाशी लेने पर, उसमें से 3 बैग बरामद हुए जिनमें 196.2 किलोग्राम कैप्टागॉन पाउडर भरा हुआ था। शुरुआती जांच से पता चला है कि बरामद किए गए इस सामान को खाड़ी क्षेत्र खासकर सऊदी अरब और आस-पास के मध्य-पूर्वी देशों में भेजा जाना था।