लुधियाना में सरकारी काम कर रहे मजदूरों से मारपीट और धमकाने के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू के करीबी इंदरजीत सिंह उर्फ इंदी को कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. गुरप्रीत कौर की अदालत ने यह राहत दी। मामला थाना डिवीजन नंबर-8 और सीआईए स्टाफ में दर्ज एफआईआर नंबर 106 (15 अप्रैल 2026) से जुड़ा है। शिकायत जेई रूपिंदर सिंह ने दी थी। आरोप है कि आरोपी ने सग्गू चौक से हंबड़ा रोड तक सड़क की स्क्रैपिंग कर रहे मजदूरों के साथ मारपीट की और उन्हें धमकाया, जिससे सरकारी कार्य में बाधा आई। आरोपी पक्ष की दलील-राजनीतिक रंजिश के तहत झूठा फंसाया सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि उसे राजनीतिक रंजिश के तहत झूठा फंसाया गया है और वह जांच में शामिल होने को तैयार है। वहीं, सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने गंभीर अपराध किया है। 5 दिन के भीतर जांच में शामिल होंगे इंदी दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि धारा 132 को छोड़कर बाकी धाराएं जमानती हैं और आरोपी जांच में सहयोग करने को तैयार है। कोर्ट ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके(खुद की जिम्मेदारी पर छोड़ा जाना) और इतनी ही राशि के एक जमानती पर अंतरिम जमानत दे दी। साथ ही आदेश दिया कि आरोपी 5 दिनों के भीतर जांच अधिकारी के सामने पेश होकर जांच में शामिल होगा। अब मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी, जिसमें यह देखा जाएगा कि आरोपी जांच में शामिल हुआ या नहीं।