कैथल BDPO रिश्वतकांड में एसडीएम के नाम का आया सामने:हाथ से इशारा कर ₹5 लाख मांगे, मकान गिराने का बनाया था दबाव

कैथल जिले के गुहला चीका में रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए बीडीपीओ के मामले में नया मोड़ आया है। शिकायतकर्ता ने बीडीपीओ के साथ साथ गुहला एसडीएम का भी रिश्वत की राशि में हिस्सा होने के आरोप लगाए हैं। अपने बयान में शिकायतकर्ता ने कहा कि उसने रुपए मांगने की बीडीपीओ की रिकॉर्डिंग कर ली थी, उसमें बीडीपीओ खुद कह रहे हैं कि पांच लाख रुपए लगेंगे। बीडीपीओ को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले जब उसने सामने जाकर समाधान के बारे में पूछा, तो बीडीपीओ ने हाथ से पांच उंगलियों का इशारा करते हुए कहा कि समाधान तो ये है। इस पर बीडीपीओ ने कहा कि इतने तो देने पड़ेंगे, जब उसने कहा कि इतने तो नहीं हो पाएंगे, क्योंकि वे तो डेढ़ एकड़ के जमींदार हैं। रुपए लेने वाले वे अकेले नहीं वह वहां से आ गया और बीडीपीओ से कॉल पर बातचीत की। तब बीडीपीओ ने कहा कि इतने तो देने ही होंगे, क्योंकि रुपए लेने वाले वे अकेले नहीं हैं और एसडीएम साहब को भी देने हैं, इसमें खुद एसडीएम का भी हिस्सा है। वे स्वयं मामले में इंटरस्ट ले रहे हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि रिकॉर्डिंग में बीडीपीओ खुद ऐसा बोल रहे हैं। बता दें कि रिश्वत के मामले में ब्लॉक डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर को आज कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बीडीपीओ ने एक व्यक्ति को मकान गिराने का लेटर जारी किया था। वह शिकायतकर्ता को मकान गिराने की धमकी दे रहा था। अन्य की संलिप्तता की जांच इसी के एवज में उसने शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपए की डिमांड की थी। अब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत लेने में बीडीपीओ के अलावा किसी और अधिकारी या कर्मचारी की भी संलिप्तता है या नहीं। फिलहाल एसीबी की टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है। बता दें कि कैथल में गुहला BDPO को पांच लाख रुपए की रिश्त लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया है। आरोप है कि BDPO ने एक मकान गिराने का लेटर जारी किया था और बाद में उसे रोकने के नाम पर व्यक्ति से पांच लाख रुपए की रिश्वत मांगी। मकान गिराने का दबाव बना रहा था बदसुई गांव के संदीप की शिकायत पर ACB ने BDPO को पकड़ा। संदीप ने अपनी शिकायत में बताया कि साल 2000 के SDM कोर्ट के फैसले के खिलाफ सिविल कोर्ट और कमिश्नर कोर्ट से स्टे होने के बावजूद पंचायत अधिकारी जगजीत सिंह मकान गिराने का दबाव बना रहा है। मकान गिराने के लेटर के बाद संदीप ने जब गुहला BDPO जगजीत सिंह से फोन पर बात की। BDPO ने मकान न गिराने की एवज में 5 लाख की मांग की। BDPO की यह बात संदीप ने रिकॉर्ड कर ली और एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दी। इसके बाद टीम ने अधिकारी के कार्यालय में जाकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। एसीबी इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि बीडीपीओ को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विधायक ने एसडीएम को झुनझुना देने का किया था प्रयास शिकायतकर्ता संदीप ने बताया कि बीडीपीओ ने रिकॉर्डिंग में एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह का नाम लिया है। ये वहीं एसडीएम हैं, जिनको गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने झुनझुना देने का प्रयास किया था। विधायक ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। विधायक ने कहा था कि आपका काम तो पैसे कमाना और झुनझुना बजाना है। काम तो वे खुद कर लेंगे। इस संबंध में जब एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है।

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