पंजाब में बेअदबी पर बिल, हिंदू-मुस्लिम, ईसाई धर्म ग्रंथ बाहर:मानसिक रोगी के गार्जियन को सजा; कब लागू होगा कानून, सवाल-जवाब में जानिए

पंजाब की AAP सरकार बेअदबी पर जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 लेकर आई है। इसे पास कराने के लिए सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था। अब गवर्नर के साइन होते ही यह विधेयक कानून बन जाएगा। इस नए बिल में बेअदबी के मामलों में सजा को और सख्त किया गया है। दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही अपराधों को उनकी गंभीरता के आधार पर 5 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, ताकि हर मामले में उचित सजा तय की जा सके। इस विधेयक की एक खास बात यह भी है कि अगर कोई आरोपी मानसिक रूप से परेशान होने का बहाना बनाता है, तो ऐसे मामलों में उसके परिवार के सदस्यों पर भी केस चलाया जा सकता है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बेअदबी क्या होती है, नए बिल में किन-किन कामों को बेअदबी माना गया है, इसमें कितनी सजा और जुर्माना तय किया गया है और यह बिल पुराने कानून से कितना अलग है…नए बिल से जुड़े हर सवाल के जवाब जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… सवाल: बेअदबी क्या?
जवाब: सिख धर्म में बेअदबी का मतलब श्री गुरु ग्रंथ साहिब या सिख मर्यादा से जुड़ी चीजों का अपमान करना है। सिख समुदाय गुरु ग्रंथ साहिब को जीवित गुरु मानता है, इसलिए उनका अनादर बहुत गंभीर माना जाता है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब के अंगों को नुकसान पहुंचाना, दस्तार (पगड़ी), केश (बाल) और धार्मिक चिन्ह जैसे कृपाण का अपमान करना भी बेअदबी माना जाता है। सवाल: सरकार ने कौन सा बिल पास किया?
जवाब: पंजाब की AAP सरकार ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 सर्वसम्मति से पास किया। सवाल: जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026 क्या है?
जवाब: यह 2008 के एक्ट में संशोधन करके बनाया गया नया बिल है, जिसका मकसद बेअदबी रोकना, सख्त सजा देना और साम्प्रदायिक सद्भावना व राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। सवाल: बिल का मकसद क्या है?
जवाब: यह बिल 2008 के पुराने कानून में बदलाव करने के लिए लाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों (प्रतियों) का सम्मान बनाए रखना और बेअदबी की घटनाओं को रोकना है। सवाल: बिल में बेअदबी किसे माना गया?
जवाब: श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप (पवित्र ग्रंथ) को जानबूझकर फाड़ना, जलाना या किसी भी तरह से खंडित करना। पवित्र ग्रंथ पर थूकना, उसे गंदे हाथों से छूना या किसी ऐसी जगह रखना, जहां उनकी गरिमा भंग होती हो। गुरु साहिब के स्वरूप को सार्वजनिक रूप से फेंकना या गलियों/नालियों में लावारिस छोड़ देना। पवित्र स्वरूप को चोरी करना या उसे मर्यादा के विरुद्ध अपने पास रखना। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की उपस्थिति में शराब, तंबाकू या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करना या लेकर जाना। सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से पवित्र बाणी या गुरु साहिब के प्रति अभद्र टिप्पणी या अपमानजनक फोटो-वीडियो बनाना। सवाल: पुराने कानून से नया बिल कितना अलग है?
जवाब: 2008 का मूल कानून मुख्य रूप से पावन स्वरूपों की छपाई, परिवहन और सेवा-संभाल की मर्यादा एवं शिष्टाचार निर्धारित करने तक सीमित था और इसमें उल्लंघनकर्ताओं के लिए कोई कठोर कानूनी सजा नहीं थी, वहीं 2026 का संशोधन इसे एक कठोर आपराधिक बिल में बदल देता है। 2026 के बिल के तहत बेअदबी के दोषियों के लिए सजा को उम्रकैद तक कर दिया गया है। अब केवल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) या उसकी अनुमति से ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप छापे, प्रकाशित या वितरित किए जा सकेंगे। कोई अन्य व्यक्ति या संस्था ऐसा नहीं कर सकेगी। सवाल: नए बिल में क्या बदला
जवाब: पहले कानून में बीड़ शब्द इस्तेमाल होता था। अब इसे बदलकर स्वरूप कर दिया गया है, जो ज्यादा सम्मानजनक माना जाता है। सवाल: नया बिल किन-किन धर्मों के लिए है?
जवाब: ये अभी केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर ही लागू होगा। जबकि गैर सिखों (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, आदि) के पवित्र ग्रंथों और धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ पर इसके तहत फिलहाल कोई सजा का प्रावधान नहीं है। CM ने कहा कि अन्य धर्मों के लोगों से भी राय लेकर जल्द ही कानून बनाया जाएगा। सवाल: नए बिल के तहत कितनी सजा मिलेगी
जवाब: बेअदबी (नुकसान पहुंचाना, फाड़ना या जलाना) पर 7 से 20 साल तक की जेल और 2 से 10 लाख रुपए तक का जुर्माना। अगर यह काम शांति भंग करने की साजिश के तहत किया गया हो, तो 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 5 से 25 लाख रुपए तक का जुर्माना। अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना। सवाल: क्या बेअदबी के मामलों में जमानत मिल सकती है?
जवाब: नहीं, इसके तहत अपराध गैर-जमानती होंगे और इनमें समझौते की अनुमति नहीं होगी। पुलिस बिना वारंट के कार्रवाई कर सकती है। इन मामलों की सुनवाई सेशन कोर्ट में होगी। सवाल: क्या बेअदबी की कोशिश भी अपराध मानी जाएगी?
जवाब: हां, कोशिश करने पर 3 से 5 साल तक की कैद और 1 से 3 लाख रुपए तक जुर्माना होगा। सवाल: बेअदबी में मदद करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
जवाब: मदद करने वालों को भी मुख्य आरोपी के बराबर सजा दी जाएगी। सवाल: अगर कोई मानसिक बीमारी का बहाना बनाए तो क्या होगा?
जवाब: बिल में प्रावधान है कि ऐसे मामलों में परिवार के सदस्यों को भी जिम्मेदार ठहराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सवाल: जांच प्रक्रिया को लेकर क्या बदलाव किए गए हैं?
जवाब: इन केसों की जांच DSP स्तर से नीचे का कोई अधिकारी नहीं कर सकेगा। सवाल: क्या सभी अपराध एक जैसे माने जाएंगे?
जवाब: नहीं, अपराधों को पांच अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जिनके अनुसार सजा तय होगी। सवाल: अपराध की पांच कौन-कौन सी श्रेणियां हैं?
जवाब: 1. साधारण उल्लंघन- कानून के तय नियमों का पालन नहीं किया जाना।।
2. बेअदबी- पवित्र स्वरूप का अपमान, नुकसान या गलत व्यवहार करना।
3. गंभीर बेअदबी- ऐसी बेअदबी जिससे धार्मिक या सामाजिक माहौल बिगड़ने की मंशा हो।
4. सहायता या सहयोग- बेअदबी करने में किसी भी तरह की मदद या समर्थन देना।
5. प्रयास- बेअदबी करने की कोशिश करना, भले ही घटना पूरी न हुई हो। सवाल: नया कानून कब बनेगा
जवाब: AAP सरकार का कहना है कि विधानसभा में बिल को पास कर दिया गया है। अब इसे गवर्नर के पास भेजा जाएगा। इसके बाद गवर्नर की लीगल टीम जांच करेगी और फिर गवर्नर के साइन होते ही यह कानून का रूप ले लेगा। हालांकि गवर्नर चाहें तो इसे राष्ट्रपति को भी भेज सकते हैं। ऐसे में बिल के कानून बनने में देरी होगी। ***************** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब में उम्रकैद वाला बेअदबी बिल पास: इसमें गीता, कुरान, बाइबल का जिक्र नहीं; CM बोले- एकाध कौआ मार लटका दिया तो कोई नहीं करेगा पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन में सोमवार को CM भगवंत मान ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 पेश किया। इसे सर्वसम्मति से पास किया गया। उन्होंने कहा कि बेअदबी की सजा उम्र कैद टिल डेथ तक है। (पढ़ें पूरी खबर)

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