भिवानी में लिव इन में रहने वाली लड़की की मौत:मायके पक्ष का आरोप, प्रताड़ित करने के कारण हुई मौत, लड़के ने आरोपों को नकारा

हरियाणा के भिवानी के शांतिनगर क्षेत्र में लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली एक युवती की मौत हो गई। लड़की के मायके पक्ष ने लिव इन में रहने वाले लड़के व उसके परिवार पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। जबकि लड़के ने आरोपों को नकारते हुए लड़की के बीमार होने की बात कही। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शांति नगर क्षेत्र के रहने वाले अंकित ने बताया कि करीब 5-6 साल से वह साक्षी को जानता था और 1 अप्रैल 2024 से साक्षी के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहता है। इसके सारे कागज भी बनवा रखे हैं और साक्षी के लिखित बयान भी उसके पास है। पिछले दो साल से लिव इन में रहने के कारण उनकी एक 9 महीने का एक लड़का भी है। वहीं, लड़की साक्षी के परिवार का कहना है कि दो साल से उनकी बेटी अंकित नाम के युवक के साथ रहती थी। जब उन्हें पता चला था तो कोर्ट में केस भी किया था। उनकी लड़की के साथ अंकित व उसके परिवार के लोग मारपीट करते थे, उससे मिलने भी नहीं देते थे। अंकित द्वारा प्रताड़ित करने के कारण उनकी बेटी की मौत हुई है। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। टीवी की बीमारी से जूझ रही थी साक्षी
लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले अंकित ने बताया कि दो साल से साक्षी उसके साथ रहती थी। साक्षी जब बीमार हुई तो उसे डॉक्टर को दिखाया गया। फिर रोहतक पीजीआई लेकर गए, जहां टेस्ट में उसे टीबी की बीमारी बताई, जिसका ईलाज चल रहा था। अंकित ने बताया कि रोहतक के टीबी अस्पताल से साक्षी का ईलाज करवाया जा रहा था। टीबी अस्पताल वालों ने भिवानी से ही दवाई लेने के बारे में बोल दिया था। भिवानी में भी साक्षी एडमिट रही और उसका टीबी अस्पताल व पीजीआई द्वारा दी गई दवाईयों के हिसाब से चल रहा था। लिव इन रिलेशनशिप में रहने के सभी सबूत मौजूद
अंकित ने बताया कि साक्षी अपनी मर्जी से उसके साथ लिव इन में रहती थी। इसके सारे सबूत उसके पास है। लिव इन रिलेशनशिप का सर्टिफिकेट, साक्षी के लिखित बयान उसके पास है। साक्षी के परिवार वाले उसके साथ मारपीट करते थे, जिसके कारण वह उसके साथ लिव इन में रहती थी। साक्षी के परिवार वाले नहीं थे राजी
अंकित ने बताया कि साक्षी के परिवार वाले राजी नहीं थे कि साक्षी उनकी मर्जी के खिलाफ लिव इन में रहती थी। साक्षी के परिवार वालों ने कोर्ट में केस भी किया था, जो कुछ समय चला। लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही केस उठा लिया। साक्षी के परिवार ने हर चौकी व थाने में बोल रखा था कि उनकी बेटी मर चुकी है। उम्र बढ़वाकर बनवाए थे कागज
अंकित ने बताया कि जब साक्षी उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने के लिए आई थी तो वह नाबालिग था। उसने कागजों में अपनी उम्र बढ़वाकर कागज तैयार करवाए थे। कोर्ट में भी साक्षी ने लिखित में दे रखा है कि वह उसके साथ ही रहना चाहती है। क्योंकि साक्षी के परिवार वाले उसके साथ मारपीट करते थे। साक्षी ने छोड़ दी थी रोटी खानी
अंकित की मां रेणू ने बताया कि जब साक्षी उनके घर आई तो अंकित नाबालिग था। साक्षी के परिवार वालों ने कोर्ट में केस किया और कोर्ट के आदेश पर ही साक्षी उनके घर आई थी। साक्षी को टीबी की बीमारी थी, जिसका इलाज चल रहा था। साक्षी ने अब रोटी खानी छोड़ दी थी और बच्चों से फास्ट फूड मंगवाकर खा लेती थी। लड़की को किया जाता था प्रताड़ित
लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जाता था। खाना तक नहीं दे रहे थे। लड़की के ऊपर दबाव बनाया जाता था कि उसका लड़का उसे नहीं देंगे। साक्षी बीमार थी, जिसका अंकित व उसके परिवार की तरफ से सही ईलाज नहीं करवाया गया। इसी कारण उनकी बेटी की मौत हुई है। पुलिस मामले में कर रही जांच
जांच अधिकारी एएसआई रमेश कुमार ने बताया कि मृतक लड़की के परिजनों ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में लड़की पक्ष आरोप लगा रहा है कि बीमारी के दौरान उसका इलाज सही से नहीं करवाया। लड़की के भाई के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। लड़की का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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