नगर निगम ने शहर में फायर सेफ्टी व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (FSC) जारी करने या उसके नवीनीकरण (रिन्यूअल) को नहीं रोका जाएगा। इस संबंध में निगम की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पहले लागू शर्त को हटा दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 87.91 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूल किया जा चुका है, जबकि बकाया करदाताओं को 31 मई तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के भुगतान करने की सुविधा दी गई है। 2019 की SOP में संशोधन 13 सितंबर 2019 की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत प्रॉपर्टी टैक्स वेरिफिकेशन की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है। इसके चलते प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने के कारण लंबित या रोके गए सभी फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट मामलों को अब प्रोसेस किया जाएगा, बशर्ते संबंधित भवन फायर सेफ्टी के सभी नियमों और मानकों का पालन करता हो। 1100 से अधिक केस लंबित स्टेशन फायर ऑफिसर्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने के आधार पर FSC जारी करने या उसके नवीनीकरण को न रोकें। सूत्रों के अनुसार, इस फैसले से 1100 से अधिक लंबित मामलों को राहत मिलने की संभावना है। प्रॉपर्टी टैक्स पर छूट नगर निगम ने करदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स पर विशेष छूट भी घोषित की है रिहायशी प्रॉपर्टी पर 31 मई तक भुगतान करने पर 20% की छूट दी जा रही है। जबकि औद्योगिक, व्यावसायिक, सरकारी और शैक्षणिक संपत्तियों पर 10% की छूट रहेगी। निर्धारित तिथि के बाद बकाया राशि पर ब्याज और अन्य नियम लागू होंगे। प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान ऑनलाइन या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से किया जा सकता है।