‘’मैं अपने प्रेमी विशाल के साथ कमरे में थी। इसी दौरान भाई, चाचा-चाची और दादा ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। मैं डर गई। मुझे लगा कि घरवाले मेरे साथ-साथ विशाल के साथ मारपीट न करे। मैंने भाई के कहने पर डरते हुए दरवाजा खोला। इसके बाद मेरे परिवार के सदस्यों ने मेरे बॉयफ्रेंड को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मैंने अपने प्रेमी को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन परिजन ने मेरी एक न सुनी। चाची ने मुझे पकड़कर मेरे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद मुझे सिर्फ मेरे बॉयफ्रेंड की आवाज सुनाई दे रही थी, जिसमें वो बोल रहा था कि मुझे छोड़ दीजिए, मुझसे गलती हो गई। उधर, मैं कमरे के अंदर से विशाल को छोड़ देने की गुहार लगाती रही। एक घंटे के बाद चाची, चाचा, दादा और भाई आए। चारों ने मुझे धमकाते हुए कहा कि अगर किसी को इस बारे में एक शब्द भी बताया तो तुम्हारी जान ले लेंगे।” 19 साल की संजना ने पुलिस से पूछताछ में ये बातें कही है। दरअसल, बेगूसराय में मंगलवार की देर रात ग्रेजुएशन के स्टूडेंट 19 साल के विशाल की हत्या कर दी गई थी। बुधवार को विशाल की लाश उसकी प्रेमिका के घर से 200 मीटर दूर मिली थी। विशाल की लाश मिलने के बाद पुलिस ने संजना को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने संजना, उसके पिता अमर किशोर चौरसिया, दादा राजेंद्र चौरसिया को गिरफ्तार किया है। चाचा, चाची और भाई फरार हैं। संजना ने पूछताछ में और क्या-क्या बताया? संजना और विशाल की प्रेम कहानी क्या है? आरोपियों ने हत्या की वारदात को कैसे अंजाम दिया? पुलिस ने खुलासा करते हुए क्या-क्या बताया? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। पहले वारदात से जुड़ी ये तीन तस्वीरें देखिए… अब जानिए, लड़की ने पुलिस को पूछताछ में क्या-क्या बताया? संजना ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11 बजे मैंने विशाल को कॉल करके बुलाया था। मेरे बुलाने पर विशाल आया, मैं चुपचाप उसे लेकर कमरे में चली गई। विशाल के साथ मैं कमरे में थी। इसी दौरान मेरे भाई राहुल ने दरवाजा खोलने के लिए कहा। मैंने जब दरवाजा खोला तो बाहर भाई राहुल के साथ मेरे चाचा मनटुन, दादा राजेंद्र और चाची सोनी मौजूद थी। सभी ने विशाल को खींचकर मेरे कमरे से बाहर निकाल लिया। वहीं पिता अमर किशोर चौरसिया रोज की तरह नशे में सोए हुए थे। मृतक की प्रेमिका ने बताया कि विशाल को कमरे से निकालने के बाद बाहर से मेरा कमरा बंद कर दिया गया। इसके बाद विशाल के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। मैं अपने बंद कमरे से चिल्लाती रही, विशाल को छोड़ देने की गुहार लगाती रही। भाई राहुल के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों ने विशाल के साथ मारपीट की। करीब एक घंटे बाद सब कुछ शांत हुआ। इसके बाद चाची ने मेरा कमरा खोला। फिर मुझे धमकाया गया कि अगर किसी से इस बारे में कुछ भी बताया तो तुम्हें जान से मार देंगे। उसने बताया कि मैंने डर की वजह से किसी को कुछ नहीं बताया। मुझे लगा कि विशाल को इन्होंने छोड़ दिया है, वो घर चला गया है। बुधवार की सुबह रोज की तरह मैं सोकर उठी और बड़े भाई के साथ कंम्प्यूटर इंस्टिट्यूट चली गई, जहां मैं काम करती हूं। काम के दौरान ही मुझे पता चला कि विशाल की लाश मिली है। मैं कुछ सोच पाती की थोड़ी देर में ही पुलिस पहुंची और मुझे कोचिंग से उठाकर थाना ले आई। पूछताछ के दौरान संजना ने पूरा सच बताया वहीं, पुलिस सूत्रों के अनुसार संजना को जब कोचिंग से हिरासत में लिया गया तो वह बिल्कुल सामान्य थी। लेकिन पूछताछ मैं वह टूट गई और सारा भेद खोल दिया। उसने बताया कि विशाल मेरे कोचिंग में ही कंप्यूटर क्लास आता था। नंबर का आदान-प्रदान हुआ और हम दोनों ने करीब 8 महीने पहले एक दूसरे से प्यार का इजहार कर दिया। हम दोनों एक दूसरे को काफी प्यार करते थे, राहुल अक्सर मुझसे मिलने आता था। लेकिन मुझे नहीं पता था, इस प्यार का एक साल में ही अंत हो जाएगा। दरअसल, बखरी गोढ़ियारी के रहने वाले शंभू सहनी के दो बेटे थे। राजा बड़ा, जबकि विशाल छोटा बेटा था। विशाल के घर से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर सलौना के रहने वाले अमर किशोर चौरसिया के तीन बच्चे थे, दो बेटी और एक बेटा। राहुल बड़ा बेटा था, जबकि संजना दूसरे नंबर पर और तीसरे नंबर पर छोटी बेटी थी। परिवार की स्थिति ठीक नहीं थी। संजना के दादा 72 साल के राजेंद्र चौरसिया खेती-किसानी से किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते थे। राजेंद्र चौरसिया का बेटा और संजना के पिता 50 साल के अमर किशोर चौरसिया अक्सर नशे में रहते थे। करीब 7-8 महीने पहले जब संजना और विशाल के अफेयर की जानकारी उसके घर में हुई तो काफी बवाल हुआ। राजेंद्र चौरसिया और अमर किशोर चौरसिया ने पहले संजना को डांटा, साथ ही इसके लिए संजना की मां रानी को जिम्मेदार बताया। इसके बाद रानी ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। रानी की मौत के 10 दिन बाद ही संजना की दादी की भी मौत हो गई। मां-दादी की मौत के बाद संजना विशाल को घर बुलाने लगी संजना की मां और दादी की मौत के बाद दोनों बहन अलग कमरे में सोती थी। जब छोटी बहन सो जाती थी तो संजना अपने प्रेमी विशाल को बुला लेती थी। संजना की छोटी बहन इस बारे में किसी को नहीं बताती थी। हालांकि, किसी तरह संजना के भाई राहुल को प्रेम कहानी की भनक लगी तो उसने पहले अपनी बहन और फिर विशाल को समझाया। करीब 2 महीना पहले विशाल का जब कोर्स पूरा हो गया तो उसने कोचिंग छोड़ दिया। संजना के भाई राहुल को लगा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है। लेकिन ऐसा नहीं था। सोमवार को संजना और विशाल एक ही ट्रेन से समस्तीपुर गए और एक ही ट्रेन से लौटे तो इसकी जानकारी भी उसके भाई राहुल को हो गई। इधर, विशाल समस्तीपुर से लौटने के बाद खाना खाकर सो रहा था। रात करीब 11 बजे कॉल आने पर वो संजना से मिलने के लिए एक किलोमीटर दूर उसके घर चला गया। वहां पहुंचने के बाद संजना और विशाल ने बातचीत शुरू ही की थी कि संजना के परिवार के सदस्य कमरे के बाहर पहुंच गए। विशाल के मोबाइल और संजना के भाई, चाचा-चाची की तलाश में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस विशाल का मोबाइल बरामद करने के साथ-साथ संजना के भाई और चाचा-चाची की गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी है। बताया जा रहा है कि बुधवार को संजना जब कंम्प्यूटर इंस्टिट्यूट गई थी और उधर विशाल की लाश मिली तो मृतक के दोस्तों और उसके मोहल्ले के लोगों को शक हो गया कि हो न हो इस हत्याकांड में उसकी प्रेमिका संजना का हाथ है। वे लोग पहले संजना के घर पर पहुंचे तो घर में कोई नहीं था। इसके बाद 15-20 बाइक से सभी उसके कोचिंग इंस्टिट्यूट पर पहुंचे। इसी दौरान पुलिस भी वहां पहुंची और संजना को हिरासत में ले लिया।