रोहतक के पीजीआईएमएस स्थित शवगृह में पिता का शव लेने के लिए बहन-भाईयों में झगड़ा हो गया। बहन ने कहा कि पिता के शव को वह टोहाना लेकर जाएगी, जबकि बेटों ने कहा कि शव कैथल लेकर जाएंगे। दोनों के बीच विवाद होने के कारण शव का पोस्टमॉर्टम देरी से हुआ। कैथल निवासी प्रेम की शुक्रवार दोपहर टोहाना के पास ट्रेन से कटने पर मौत हो गई। रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह में रखवाया, जहां शव लेने को लेकर बहन भाईयों में विवाद हो गया। पिता के शव पर बेटों का अधिकार मृतक के बेटे अमर ने बताया कि वह तीन भाई और 5 बहनें है, सभी की शादी हो चुकी है। कल डेढ़ के करीब बहन का फोन आया कि पिता की मौत हो गई है। जब वह शव लेने के लिए डेड हाउस पहुंचे, तो बहन मीनाक्षी पहले से मौजूद थी और शव अपने साथ लेकर जाने की जिद्द कर रही थी। अमर ने बताया कि वह तीन भाई है और पिता के साथ ही रहते थे। इस बात के लिए आस पड़ोस के लोग व बस्ती का प्रधान भी साथ है। बेटे होने के नाते उनका अधिकार है कि वह पिता का अंतिम संस्कार करें। जब बेटे हैं, तो बेटी को शव क्यों दिया जाएगा। उनकी बहन ट्रेन एक्सीडेंट के क्लेम का पैसा लेना चाहती है। 20 साल से पिता मेरे साथ, मुझे मिलना चाहिए शव पिता का शव लेने टोहाना से आई मीनाक्षी ने बताया कि उसके पिता की मौत ट्रेन एक्सीडेंट में हो गई थी। उसके पास रेलवे पुलिस ने ही फोन करके सूचना दी थी कि डेडबॉडी लेने आ जाओ। जब वह डेडबॉडी लेने आई, तो उसके भाई व बहन शव लेने आए थे। वह शव लेने नहीं, बल्कि क्लेम का पैसा लेने के चक्कर में आए है। मीनाक्षी ने बताया कि उसके पिता के साथ तीनों भाई मारपीट करते थे, इसलिए करीब 20 साल से उसके पिता कभी छोटी बहन के पास तो कभी उसके पास रहते थे। जब वह घर जाते, तो भाई उसके पिता के साथ मारपीट करते। अब चाहते हैं कि पिता की मौत का क्लेम 5 लाख रुपए वह हड़प ले। मीनाक्षी ने बताया कि पटियाला में बस से गिरने पर उसकी मां की मौत हो गई थी, जिसके क्लेम का पैसा भी उसके भाईयों ने हड़प लिया। तीनों भाईयों के हिस्से में 6 से 7 लाख रुपए आए थे। अब पिता की मौत का क्लेम भी लेना चाहते है। वह नहीं चाहती कि भाईयों को पिता का शव मिले। PGI लाते वक्त हुई थी मौत- पुलिस टोहाना रेलवे पुलिस के जांच अधिकारी ASI सतीश कुमार ने बताया कि एक बुजुर्ग ट्रेन की चपेट में आ गया था, जिसे पीजीआई लाते हुए रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को डेड हाउस में पोस्टमॉर्टम के लिए रखवा दिया था। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। शव लेने के लिए मृतक के परिजन झगड़ रहे थे। पुलिस ने बेटे व बेटी, दोनों के साइन करवाकर शव सौंप दिया। दोनों में से कोई भी शव लेकर जा सकता हैं।