PWD में ‘मिशन कर्मयोगी’ पर सवाल:चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को जबरदस्ती AI कोर्स, फर्जी ईमेल-दूसरे का मोबाइल लगाकर पूरा करा रहे तृतीय श्रेणी कर्मचारी

लोक निर्माण विभाग (PWD) में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत चल रहे प्रशिक्षण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कम पढ़े-लिखे और अनपढ़ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जबरन एआई समेत अन्य कोर्स कराए जा रहे हैं। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने इसे “कूटरचित और समय बर्बाद करने वाला” बताते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष इंजीनियर एन.डी. द्विवेदी ने शिकायत में लिखा है कि ये अभियान समय बर्बाद करने वाले, गैर-कानूनी और शासकीय क्षति पहुंचाने वाले कृत्य है। इसे तुरंत रोका जाए।संघ ने बताया? चतुर्थ श्रेणी फील्ड कर्मचारियों के पास न तो ईमेल आईडी है, न स्मार्टफोन, कई तो बिल्कुल अनपढ़ हैं। ऐसे में इन्हें इन्हें फील्ड से मुख्यालय बुलाया जा रहा है। कोर्स पूरा कराने के लिए तृतीय श्रेणी कर्मचारी अपना-अपना काम छोड़कर इनके नाम पर कोर्स कर रहे हैं। तृतीय श्रेणी कर्मचारी वीडियो चला रहे हैं, प्रश्नों के जवाब दे रहे हैं और सर्टिफिकेट डाउनलोड कर कर्मचारियों को थमा रहे हैं।
एक तरफ फील्ड में काम ठप, दूसरी तरफ कार्यालय में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की कमी से शासकीय कार्य प्रभावित हो रहा है। संघ ने सवाल उठाया है कि क्या अनपढ़ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के लिए AI कोर्स का कोई मतलब है? “यह पूरी तरह कूटरचित तरीका है। इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। मिशन कर्मयोगी के नाम पर क्या हो रहा है? शासन ने सभी सरकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन कोर्स पूरा कर सर्टिफिकेट लेने के निर्देश दिए थे। लेकिन लोक निर्माण विभाग ने इसे चतुर्थ श्रेणी फील्ड कर्मचारियों पर जबरदस्ती थोप दिया। न्यूनतम एक AI कोर्स इनके लिए अनिवार्य कर दिया गया। अब स्थिति यह है कि फील्ड में सड़क-ब्रिज-पुल निर्माण का काम रुक रहा है, जबकि मुख्यालय पर फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *